सूर्य देव की पूजा वैसे तो प्रत्येक दिन करनी चाहिए। लेकिन रविवार का दिन सूर्य देव की पूजा करने के लिए उत्तम माना गया है। इस दिन उन्हें जल अर्पित करने, मन्त्र का जप करने से बल-बुद्धि, वैभव, तेज, पराक्रम, समाज और परिवार में मान-सम्मान प्राप्त होता है। आज हम जानेंगे किस प्रकार रविवार के दिन सूर्य को अर्ध्य प्रदान करें।
सूर्य की पूजा विधि:
रविवार के दिन प्रातः काल उठकर स्नान कर के तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल अर्पित करें तथा सूर्य मंत्र का उच्चारण करें। ध्यान रहे जल अर्पण करने से पहले उसमे चावल, कुमकुम, पुष्प तथा गुड़ को उसमे डालें।
सूर्य मंत्र:
ॐ सूर्याय नमः
ॐ भास्कराय नमः
ॐ रवये नमः
ॐ आदित्याय नमः
ॐ भानवे नमः
जब जल का अर्पण करें उस समय उस जल की धार से सूर्यदेव को देखें। उसके बाद हृदयस्त्रोत का पाठ करें। तत्पश्च्यात माँ गायत्री के मन्त्र का जप करें।
लाभ:
१) ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भगवन सूर्य को जल अर्पण करने से घर-परिवार तथा समाज में मान-सम्मान किन प्राप्ति होती है।
२) कार्य में उन्नति होती है और बीमारीयों से छुटकारा मिलता है।
३) जिसके ऊपर आपराधिक केस चल रहा है उन्हें नियमित सूर्य मंत्र का जप करना चाहिए। ऐसा करने से कारगार से मुक्ति मिलती है।
४) बुरा समय का अंत होता है।
५) उगते सूर्य को जल डालने से व्यक्ति तेजस्वी होता है।
६) सूर्य को जल अर्पण करते वक्त जल के बीच से सूर्य को देखने से आखों की रौशनी अच्छी होती है।