देवी – देवताओं के पूजन में कई प्रकार की सामग्रियों का उपयोग किया जाता है। इन वस्तुओ में घी का भी महत्वपूर्ण स्थान है। घी का दीपक जलाने का भी विशेष महत्व है।आज हम गाय के घी के महत्त्व के बारे में जानेंगे।
प्राचीन मान्यता है कि भगवान को घी अर्पित करने और शिवलिंग के पास रात के समय घी का दीपक जलाने से स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ पैसों की कमी से भी मुक्ति मिलती है। उपाय नियमित रूप से करते रहना चाहिए।
हवन में गाय के दूध से बने घी का महत्व
पूजन, हवन आदि धार्मिक कर्मों में गाय के दूध से बने घी का विशेष महत्व है। हवन करते समय इस घी से आहुति देने पर या घी का दीपक जलाने पर जो धुआं निकलता है, वह वातावरण के लिए फायदेमंद होता है। इस धुएं से हवा में मौजूद सूक्ष्म और हानिकारक कीटाणु नष्ट हो जाते हैं। नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और पवित्रता बढ़ती है। यही कारण है कि मंदिरों में गाय के घी का दीपक जलाने की और यज्ञ आदि में इस घी का उपयोग करने की प्रथा चली आ रही है।
गाय के घी का अन्य उपाय:
१) स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने के लिए गाय के घी
यदि कोई व्यक्ति बहुत दिनों से बीमार है और बीमारी किसी भी उपचार से ठीक नही है तो उसके लिए घी का यह उपाय करें। जिस कमरे में रोगी आराम करता हो उस कमरे में रोज शाम को घी का दीपक केसर डालकर जलाएं। साथ ही रोगी की दवाइयां चिकित्सकीय परामर्श आदि भी जारी रखे। दीपक जलने पर घी और केशर से मिश्रित धुआं निकलेगा जो कि वातावरण की नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करेगा और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाएगा। जिससे रोगी के स्वास्थ्य को जल्दी लाभ मिल सकता है।
२) वैवाहिक जीवन में सुख – शांति के लिए घी का उपाय
आजकल अधिकांश लोगो के वैवाहिक जीवन में वाद – विवाद होते रहते है। कभी – कभी छोटे – छोटे विवाद भी बड़ा रूप ले लेते है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए घी का यह उपाय करें। रोज रात को सोने से पहले घर में जहां बर्तन धोते है उस स्थान पर घी का दीपक लगाए। दीपक जलाने से पहले स्थान को अच्छी तरह साफ कर लें।
३) शारीरिक बल प्राप्त करने के लिए घी का उपाय
यदि कोई व्यक्ति शारीरिक रूप से कमजोर हो तो उसे प्रतिदिन शिवलिंग पर घी अर्पित करना चाहिए। शिवपुराण के अनुसार जो व्यक्ति शिवलिंग पर घी अर्पित करता है उसे शारीरिक बल प्राप्त होता है। इस उपाय के साथ ही खाने में घी का उपयोग करना फायदेमंद रहता है।
४) गाय के दूध से बने घी को कहते है रसायन
गाय के दूध से बने घी को रसायन भी कहते है। इस घी में वैक्सीन एसिड ब्यूट्रिक एसिड, बीटा-कैरोटीन जैसे माइक्रोन्यूट्रींस होते हैं। इस वजह से ये घी केंसर जैसी गंभीर बीमारी में लाभ पहुंचाता है। यह एक औषधि है और जो लोग इस घी का हर रोज सेवन करते है वे लंबे समय तक बुढ़ापे में होने वाले रोगों से बचे रहते है। यदि हम पूरी तरह स्वस्थ है तो घी का सेवन कर सकते है। लेकिन किसी बीमारी से पीड़ित है तो डॉक्टर से परामर्श के बाद ही घी का सेवन करें।
नियमित रूप से करें घी का सेवन
आयुर्वेद के अनुसार घी स्वास्थ्य को बहुत अधिक लाभ पहुंचाता है। यदि किसी व्यक्ति को पित्त के रोग है या पेट में जलन की शिकायत रहती है। तो उसके लिए घी का उपयोग काफी फायदेमंद है। घी से शरीर मजबूत होता है कमजोरी दूर होती है। आँखों की रौशनी के लिए भी घी का सेवन करना बेहद जरूरी है घी खाते समय इसकी मात्रा का विशेष ध्यान रखें।
गाय के दूध से बने घी के १२ स्वास्थ्य लाभ
१) यदि हिचकी नही रुक रही है तो गाय के दूध से बना घी आधा चम्मच खाएं। इससे लाभ मिल सकता है।
२) घी के नियमित सेवन से पेट और पाचन तंत्र से जुडी कई समस्याएं जैसे – कब्ज गैस अपच आदि दूर हो सकती है।
३) जिन लोगो को कमजोरी महसूस होती है उन्हें नियमित रूप से एक गिलास दूध में एक चम्मच घी और मिश्री डालकर पीना चाहिए।
४) यदि हाथ पर या पैरो के तलवो पर जलन हो तो घी से मालिश करें। इससे जलन में आराम मिल सकता है।
५) गाय के दूध से बने घी का सेवन गंभीर बीमारी कैंसर को भी बढ़ने से रोक सकता है।
६) घी का सेवन रोज करने से वैट और पित्त से जुड़े रोगों में लाभ होता है।
७) घी के नियमित सेवन से योवन अवस्था लंबे समय तक बनी रहती है। शरीर जल्दी कमजोर नही होता है। मौसमी रोगों से लड़ने की शक्ति मिलती है।
८) गर्मी के दिनों में पित्त संबंधी रोग होने की संभवनाएं बढ़ जाती है तो घी के सेवन से पित्त रोग शांत हो सकते है। शरीर में पर्याप्त शीतलता बनी रहती है।
९) यदि दाल में थोड़ा सा घी डालकर खाएंगे तो पेट में गेस संबंधी समस्या नही होती है।
१०) घी के सेवन से त्वचा में चमक भी बनी रहती है।
११) घी से चेहरे की मसाज भी कर सकते है। साथ ही बालो की मालिश भी की जा सकती है। ऐसा करने से त्वचा और बालो की कई समस्याएं खत्म हो सकती है। बाल कम उम्र में सफेद नही होंगे।
१२) यदि जलने से या किसी चोट से त्वचा पर निशान बन गए है तो उस जगह घी लगाने से ये निशान भी साफ हो सकते है।